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Saturday, 30 August, 2025
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टायर उद्योग में चालू वित्त वर्ष में सात-आठ प्रतिशत वृद्धि की संभावना

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नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) भारत के टायर उद्योग में चालू वित्त वर्ष के दौरान सात से आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, यह वृद्धि मुख्य रूप से ‘रिप्लेसमेंट डिमांड’ यानी पुराने टायरों को बदलकर नए टायर खरीदने की बढ़ती मांग के कारण हो रही है।

जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक (एमडी) अंशुमान सिंघानिया ने कहा कि भारतीय टायर उद्योग एक निर्यात आधारित विनिर्माण क्षेत्र बना हुआ है, जिसका निर्यात वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में 25,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।

सिंघानिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में टायर उद्योग में सात से आठ प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है क्योंकि लोग अपने पुराने टायर बदल रहे हैं, भले ही नई गाड़ियों में टायरों की मांग थोड़ी कम हो।

अपोलो टायर्स के सीएफओ गौरव कुमार ने विश्लेषकों से कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मांग में सुधार होगा, खासकर मानसून के बाद बुनियादी ढांचा और खनन क्षेत्रों में तेजी आने से।

उन्होंने कहा, ‘कच्चे माल की स्थिति की बात करें तो हमें उम्मीद है कि दूसरी तिमाही में इसकी लागत मौजूदा स्तरों की तुलना में थोड़ी कम होगी। हालांकि, मौजूदा विनिमय दरों को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है।’

भाषा योगेश रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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