गांधीनगर, 23 जनवरी (भाषा) दुनिया में बढ़ती सामाजिक असमानता की चुनौती से निपटने के लिए शून्य-उत्सर्जन की ओर बदलाव की प्रक्रिया समावेशी होनी चाहिए और इस क्षेत्र में भारत ने अनुकरणीय प्रगति की है और वैश्विक समुदाय को यह देखना चाहिए। आईटीसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव पुरी ने सोमवार को यह बात कही।
यहां बिजनेस-20 (बी-20) की बैठक में अपने संबोधन के दौरान पुरी ने स्थायी भविष्य के लिए समग्र व्यवहार से समाधान निकालने के लिए जी-20 और वैश्विक समुदाय से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित बैठक में पुरी ने कहा, ‘‘तथ्य ये है कि दुनिया को शून्य उत्सर्जन अपनाना होगा, दुनिया को अधिक स्थायी और हरित भविष्य के लिए प्रयास करना होगा। हालांकि, हम सब जानते हैं कि यह प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।’’
उन्होंने कहा कि चुनौतियां हैं। नाजुक, वित्तीय और सामाजिक मुद्दे हैं जिन्हें प्रगति की रफ्तार बढ़ाने के लिए सुलझाना है।
भाषा अनुराग अजय
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