scorecardresearch
Monday, 30 March, 2026
होमदेशअर्थजगतदिल्ली के व्यापारियों ने अनाज, आटे, दाल पर जीएसटी को जन-विरोधी बताया, वापस लेने की मांग

दिल्ली के व्यापारियों ने अनाज, आटे, दाल पर जीएसटी को जन-विरोधी बताया, वापस लेने की मांग

Text Size:

नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में कारोबारियों ने पहले से पैक की गई और लेबल वाली खाद्य वस्तुओं पर कर लगाने के जीएसटी परिषद के फैसले को जन-विरोधी करार दिया है।

उद्योग मंडल चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के अध्यक्ष ब्रजेश गोयल ने कहा कि आजादी के बाद यह पहली बार है जब दाल, चावल, आटा, अनाज, दही और लस्सी समेत अन्य सामान जो पहले कर मुक्त होते थे उन पर कर लगाया गया है।

जीएसटी परिषद ने कर को युक्तिसंगत बनाने के लिए छूट खत्म करने संबंधी राज्यों के मंत्री समूह की अधिकांश सिफारिशें पिछले महीने स्वीकार कर ली थीं।

दिल्ली अनाज व्यापारी संघ के अध्यक्ष नरेश कुमार गुप्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हम इस फैसले के खिलाफ हैं और इसे वापस लेने की मांग करते हैं। यह आम जनता और कारोबारियों के हित में नहीं है। यह कदम जन-विरोधी है।’’

सरकार के इस कदम के खिलाफ शनिवार को दिल्ली की थोक और खुदरा अनाज मंडियां बंद रहीं।

सीटीआई ने इसके खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए कारोबारियों की महापंचायत बुलाई है।

भाषा

मानसी अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments