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Sunday, 8 February, 2026
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अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में भारत के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय शामिल: गोयल

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नयी दिल्ली, आठ फरवरी (भाषा) वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में किसानों और घरेलू उद्योग के हितों की रक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए हैं। गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता अंततः हमारे किसानों की मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय किसान पहले से ही 50-55 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के कृषि और मछली उत्पादों का निर्यात कर रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि भारतीय सामानों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा क्योंकि उन पर 18 प्रतिशत शुल्क लगेगा, जबकि प्रतिस्पर्धी देशों जैसे चीन पर 35 प्रतिशत तक शुल्क लगता है और अन्य देशों पर 19 प्रतिशत से अधिक शुल्क लागू है।

उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ”यह दो पन्नों का दस्तावेज है (भारत-अमेरिका का संयुक्त बयान)।” गोयल ने यूरोपीय संघ के मुक्त व्यापार समझौते का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत- यूरोपीय संघ व्यापार समझौते से संबंधित बड़ी संख्या में दस्तावेजों के साथ वह मंत्रिमंडल में गए थे।

उन्होंने कहा, ”अभी कई मुद्दे हैं जिन्हें शामिल किया जाना बाकी है। यह दोनों पक्षों के लिए लागू होता है। मुझे यकीन है कि अगर हम उनके बाजार में बहुत अधिक उत्पाद भेजेंगे, तो अमेरिका भी अपने हितों की रक्षा करना चाहेगा…। यह किसी भी बातचीत का सामान्य परिणाम है।”

उन्होंने कहा, ”यह अभी प्रक्रिया में है…। सुरक्षा उपाय हमेशा मौजूद रहते हैं। यदि कोई यह बताने की कोशिश कर रहा है कि यह दो-पृष्ठीय संयुक्त बयान में शामिल नहीं है, तो वह लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। अभी भी कई बातों में स्पष्टता की आवश्यकता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका दोनों ही कुछ विशिष्ट उत्पादों को लेकर संवेदनशील हैं और उन उत्पादों के लिए दोनों पक्षों ने सुरक्षा उपाय रखे हैं। उन्होंने कहा, ”हमने इन सभी की सुरक्षा सुनिश्चित कर ली है।”

साथ ही गोयल ने यह भी बताया कि भारत ने डेयरी उत्पादों, आनुवंशिक रूप से संशोधित उत्पादों, मांस, मुर्गी पालन, सोया मील और मक्का पर किसी भी प्रकार की शुल्क छूट नहीं दी है।

उन्होंने कहा कि हालांकि कुछ दालें और फलियां हैं, जिन्हें भारत आयात करता है, और उनके लिए हमने सीमित रूप में बाजार पहुंच प्रदान की है।

उन्होंने कहा, ”अंततः, यह लेन-देन का मामला होना चाहिए। इसलिए, अगर मैं कुछ नहीं दूंगा, तो मैं अमेरिका में अपने किसानों के लिए बाजार कैसे खोलूंगा?”

मंत्री ने कहा कि भारत ने अपने क्षेत्रों को बहुत ही सुनियोजित तरीके से खोला है।

सूखे मेवों के बारे में उन्होंने कहा कि भारत लगभग साढ़े तीन अरब डॉलर के सूखे मेवे आयात कर रहा है, और उसमें से एक अरब डॉलर पहले ही अमेरिका से आ रहा है।

उन्होंने कहा, ”अगर यह अमेरिका से आता है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। इससे उपभोक्ताओं को लाभ होता है। वैसे भी, सभी हितधारकों में सबसे बड़ा हितधारक ग्राहक है, यानी 1.4 अरब भारतीय। यदि उन्हें कुछ सस्ता मिलता है तो इसमें क्या हर्ज है?”

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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