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Thursday, 5 March, 2026
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ऑनलाइन गेमिंग विधेयक के ‘‘निषेध’’ संबंधी प्रावधान पहले लागू करने पर सरकार कर रही है विचार

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(मौमिता बख्शी चटर्जी)

नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने और अधिसूचित होने के बाद सरकार अन्य धाराओं से पहले ‘‘निषेध धाराओं’’ को लागू करने पर विचार कर रही है।

उन्होंने कहा कि इस बीच कानून के अन्य प्रावधानों के लिए नियमों का मसौदा तैयार करने का काम भी शुरू हो चुका है।

कृष्णन ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा कि प्रस्तावित नियम ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम के प्रचार एवं विनियमन के लिए एक रूपरेखा प्रदान करेंगे। साथ ही ऑनलाइन गेमिंग विधेयक, 2025 के प्रचार एवं विनियमन में परिकल्पित नियामक प्राधिकरण का गठन भी करेंगे।

संसद ने पैसे से खेले जाने वाले सभी प्रकार के खेलों पर प्रतिबंध लगाने और ई-स्पोर्ट्स एवं ऑनलाइन सोशल गेमिंग को बढ़ावा देने वाले विधेयक को बृहस्पतिवार को राज्यसभा में बिना किसी बहस के पारित कर दिया।

सरकार ने जोर देकर कहा कि ‘ऑनलाइन मनी गेमिंग’ एक गंभीर सामाजिक और जन स्वास्थ्य समस्या बन गई है, जिसका समाज पर स्पष्ट रूप से नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही, केंद्र सरकार ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा देने पर बल दे रही है और भारत को खेल विकास के एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहती है।

कृष्णन ने कहा, ‘‘ ऑनलाइन मनी गेम के इर्द-गिर्द एक सामाजिक बुराई है, जिसे सरकार (विधेयक के माध्यम से) दूर करना चाहती है… और मुझे लगता है कि हमें उस भावना का सम्मान करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम, ‘बैकएंड’ पर जो भी काम करने की जरूरत है उसे और अधिक तेजी से कर सकें।’’

राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय तेजी से कानून के कार्यान्वयन के लिए तैयारी कर रहा है।

कृष्णन ने कहा, ‘‘ यह ऐसा कानून नहीं है जिसे हम ऐसी ही लागू रहने दे सकें। हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या ‘‘प्रतिबंधों’’ को अन्य धाराओं से पहले लागू करना संभव है, क्योंकि विधेयक में इस धारा के लिए कोई विशिष्ट नियम नहीं बनाए गए हैं। हमें बस इसे लागू करने वाले अधिकारियों को सूचित करना है।’’

समग्र नियमों को अगले छह महीनों में अंतिम रूप दिए जाने की संभावना पर कृष्णन ने कहा कि यह बहुत तेजी से होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं कोई समय-सीमा नहीं दूंगा लेकिन यह स्पष्ट है कि इसमें इतना लंबा इंतजार नहीं किया जा सकता।’’

कृष्णन ने कहा, ‘‘हमने नियमों का मसौदा तैयार करने पर काम शुरू कर दिया है।’’

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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