नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) देश में ‘प्रौद्योगिकी’ और ‘नवोन्मेष’ स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले तत्व हैं।
नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) परमेश्वरन अय्यर ने सोमवार को अपोलो हॉस्पिटल्स के ‘वैश्विक रोगी सुरक्षा सम्मेलन’ (आईपीएससी) के नौवें संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) ने स्वास्थ क्षेत्र के प्रदर्शन के तरीके को बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि बीमारी के निदान से लेकर उपचार प्रदान करने तक एआई का उपयोग भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बदलने में फायदेमंद साबित हो रहा है।
अय्यर ने कहा कि आने वाले वर्षों में डिजिटल स्वास्थ्य देखभाल समाधानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा, ”हमें देश की ‘स्वास्थ्य सेवा प्रणाली’ में एक प्रभावी बदलाव लाने के लिए ‘सार्वजनिक-निजी भागीदारी’ को बढ़ावा देने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।”
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रिया रमण
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