नयी दिल्ली, एक अक्टूबर (भाषा) स्विट्जरलैंड की आर्थिक मामलों की मंत्री हेलेन बडलिगर आर्टीडा ने ईएफटीए की तर्ज पर भारत के साथ द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) की मांग उठाई।
भारत और चार यूरोपीय देशों के समूह ईएफटीए के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में आर्टीडा ने यह मामला उठाया। इस समझौते के तहत ईएफटीए ने भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) में आइसलैंड, लिश्टेंस्टाइन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।
स्विस मंत्री ने ईएफटीए-भारत व्यवसाय सम्मेलन में कहा, ‘‘इस बड़ी निवेश प्रतिबद्धता के साथ हम भारत के साथ एक द्विपक्षीय निवेश संधि भी चाहते हैं। पिछली बार मेरी आपके वित्त मंत्री से उपयोगी बातचीत हुई थी और मुझे बताया गया है कि एक मॉडल प्रारूप तैयार हो रहा है।’’
उन्होंने यह भी कहा कि यह निवेश वास्तव में निजी क्षेत्र का है और उन्हें इस दिशा में प्रोत्साहित किया गया है। उन्होंने कहा कि स्विस कंपनियां भारत में निवेश को लेकर काफी उत्साहित हैं।
इस सम्मेलन में स्विस स्वास्थ्य देखभाल कंपनी रोश फार्मा ने भारत में पांच वर्षों के भीतर न्यूनतम 1.5 अरब स्विस फ्रैंक का निवेश करने की घोषणा की।
रोश फार्मा के क्षेत्रीय प्रमुख फ्रांस्वा डु टॉय ने कहा, ‘‘हमारे पास भारत में पहले से 5,000 से अधिक कर्मचारी हैं। यह निवेश हमारे मुख्य कारोबार, शोध एवं विकास और नवाचार को मजबूत करेगा।’’
ईएफटीए सदस्यों के करीब 18 अन्य समूहों ने भी भारत में निवेश की दिलचस्पी दिखाई है। इनमें स्कायरप, कोहिनूर रोप्स, एलजीटी इंडिया, हिल्टी इंडिया, कॉंग्सबर्ग, एलकम, बोरेगार्ड, बॉबस्ट इंडिया, बुचर हाइड्रोलिक्स और ब्यूहलर इंडिया शामिल हैं।
भारत इस समय स्विट्जरलैंड समेत 12 से अधिक देशों के साथ द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर बातचीत कर रहा है। सरकार ने हाल के बजट में इन संधियों के मॉडल को और निवेशक-हितैषी बनाने की घोषणा की थी।
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