scorecardresearch
Saturday, 10 January, 2026
होमदेशअर्थजगतस्विगी, जोमैटो और मैजिकपिन पर नए साल की पूर्व संध्या पर ऑर्डर में तेजी, हड़ताल का असर खास नहीं

स्विगी, जोमैटो और मैजिकपिन पर नए साल की पूर्व संध्या पर ऑर्डर में तेजी, हड़ताल का असर खास नहीं

Text Size:

नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) रेस्तरां से खाना मंगाने और आपूर्ति से जुड़ा ऑनलाइन मंच स्विगी, जोमैटो और मैजिकपिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर उनके ऑर्डर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए।

‘गिग’ कर्मचारियों के बेहतर भुगतान और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर हड़ताल पर रहने के बीच कंपनियों ने यह बात कही।

इन कंपनियों का दावा है कि हड़ताल का उनके संचालन पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा।।

‘गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन (जीआईपीएसडब्ल्यूयू)’ ने कहा कि 22 शहरों के एक लाख से अधिक कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। इनमें दिल्ली, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों के 14,000 सदस्य भी शामिल हैं।

अनुमान के अनुसार भारत में गिग कर्मचारियों की संख्या 1.27 करोड़ से अधिक है। नीति आयोग के अनुसार यह संख्या 2029-30 तक यह संख्या 2.35 करोड़ तक पहुंच सकती है।

देश के तीसरे सबसे बड़े खाद्य वितरण मंच मैजिकपिन ने कहा कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर मेट्रो शहरों में हर घंटे लाखों ऑर्डर आए।

इटर्नल के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “जोमैटो और ब्लिंकिट ने कल रिकॉर्ड गति से डिलीवरी की। हड़ताल के आह्वान का असर नहीं पड़ा। स्थानीय पुलिस के सहयोग से कुछ शरारती लोगों को नियंत्रण में रखा गया, जिससे दोनों मंच के 4.5 लाख से अधिक डिलीवरी पार्टनर ने दिन भर 75 लाख से अधिक ऑर्डर (अब तक का उच्चतम) 63 लाख से अधिक ग्राहकों तक वितरित किये।”

मैजिकपिन के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंशू शर्मा ने कहा कि हड़ताल का उनके संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा।

स्विगी और मैजिकपिन के अनुसार, नए साल की पूर्व संध्या पर भारतीयों ने बिरयानी, पिज्जा, बटर चिकन और गाजर का हलवा जैसी देशी मिठाइयां का आनंद लिया।

दीपिंदर गोयल ने स्थानीय अधिकारियों और मौके पर मौजूद कर्मचारियों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने नियमों का स्पष्ट पालन और तेज समन्वय सुनिश्चित किया।

गोयल ने लोगों से कहा कि वे स्वार्थपूर्ण हितों द्वारा फैलाए जा रहे विचारों से प्रभावित न हों।

उन्होंने कहा कि अगर कोई प्रणाली मूल रूप से अनुचित होती, तो इतने लोग लगातार इसमें काम करने के लिए आकर्षित और जुड़े नहीं रहते।

गोयल नपे पोस्ट में कहा, “गिग अर्थव्यवस्था भारत की सबसे बड़ी संगठित रोजगार सृजन प्रणालियों में से एक है। इसका असली प्रभाव समय के साथ बढ़ेगा, जब गिग कर्मचारियों के बच्चे, स्थिर आय और शिक्षा के समर्थन से कार्यबल में शामिल होंगे और बड़े पैमाने पर देश के रूपांतरण में मदद करेंगे।’’

मैजिकपिन के अंशू शर्मा ने कहा कि नए साल की पूर्व संध्या ने फिर से दिखा दिया कि खाद्य वितरण अब भारतीयों के उत्सव मनाने का एक अहम हिस्सा बन गया है।

नए साल की पूर्व संध्या पर मैजिकपिन उपयोगकर्ताओं के बीच पिज्जा सबसे पसंदीदा विकल्प रहा। इसके अलावा, गाजर का हलवा और आइसक्रीम के ऑर्डर पिछले साल की तुलना में तीन गुना बढ़ गए। रात के भोजन के ऑर्डर लगभग साढ़े नौ बजे अपने चरम पर थे, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में बटर चिकन सबसे अधिक ऑर्डर किया गया मुख्य व्यंजन रहा, उसके बाद बिरयानी और दाल मखनी का स्थान रहा।

स्विगी पर नए साल की पूर्व संध्या को शाम साढ़े सात बजे से पहले ही बिरयानी के 2.19 लाख ऑर्डर दर्ज हो चुके थे।

कंपनी ने कहा कि पिज्जा और बर्गर के बीच पुरानी प्रतिस्पर्धा जारी रही। शाम साढ़े आठ बजे तक 2.18 लाख पिज्जा डिलीवर किए गए, जबकि बर्गर ने भी मुकाबला किया और 2.16 लाख ऑर्डर दर्ज किए।

यह दर्शाता है कि भारत के खाने के स्वाद उतने ही विविध हैं जितने उसके उत्सव।

इसके अलावा, स्विगी ने कहा कि इस नए साल की पूर्व संध्या पर कई लोगों ने बाहर खाना खाना पसंद किया।

स्विगी डाइनआउट पर बेंगलुरु और हैदराबाद ने सबसे अधिक बुकिंग की।

अहमदाबाद ने बुकिंग में सबसे ज्यादा वृद्धि दिखाई (1.6 गुना), इसके बाद लखनऊ (1.3 गुना) और जयपुर (1.2 गुना) का स्थान रहा।

भाषा योगेश रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments