मुंबई, 23 जून (भाषा) घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 259.52 अंक फिसलकर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और केंद्रीय बैंकों की तरफ से नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच बाजार नुकसान में रहा।
कारोबारियों के मुताबिक, घरेलू बाजार की दिग्गज कंपनियों रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस और एलएंडटी के शेयरों में बिकवाली का दबाव होने से भी सूचकांक नीचे आ गए।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 259.52 अंक यानी 0.41 प्रतिशत गिरकर 62,979.37 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 364.77 अंक तक गिर गया था लेकिन बाद में यह थोड़ा संभल गया।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का सूचकांक निफ्टी भी 105.75 अंक यानी 0.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,665.50 पर बंद हुआ।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में 405.21 अंक यानी 0.63 प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि निफ्टी 160.5 अंक यानी 0.85 प्रतिशत के नुकसान में रहा।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से टाटा मोटर्स में सर्वाधिक 1.77 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा एसबीआई, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, इंफोसिस, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज और मारुति के शेयरों में भी गिरावट रही।
दूसरी तरफ, इंडसइंड बैंक, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एचडीएफसी और सन फार्मा के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘नकारात्मक वैश्विक संकेतों से लगातार दूसरे दिन गिरावट रही। वैश्विक शेयर बाजारों ने भी गिरावट का सिलसिला जारी रखा जिससे यह मार्च के बाद सबसे खराब सप्ताह साबित हुआ। दरअसल निवेशकों को लग रहा है कि ब्याज दरें बढ़ने से आगे मंदी की स्थिति आ सकती है।’
बीएसई का मिडकैप सूचकांक 1.24 प्रतिशत के नुकसान में रहा जबकि स्मालकैप सूचकांक में 1.17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘वैश्विक केंद्रीय बैंक वर्तमान में मुद्रास्फीति को काबू में करने की कोशिश में लगे हुए हैं और उन्होंने अपने लक्ष्य स्तर तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्धता दोहराई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल की कठोर टिप्पणी और बैंक ऑफ इंग्लैंड की अप्रत्याशित दर वृद्धि से भी यह साबित हुआ है।’
नायर ने कहा कि प्रमुख अमेरिकी तकनीकी कंपनी एक्सेंचर के आय मार्गदर्शन में कटौती करने से भारतीय आईटी क्षेत्र की आय में संभावित गिरावट की चिंता बढ़ गई है जिससे आईटी शेयरों पर दबाव देखा जा रहा है।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोप के ज्यादातर शेयर बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। एक दिन पहले बृहस्पतिवार को अमेरिकी बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.11 प्रतिशत गिरकर 73.32 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शेयर बाजारों से मिले आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को 693.28 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी।
बृहस्पतिवार को सेंसेक्स 284.26 अंक गिरकर 63,238.89 पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 85.60 अंक के नुकसान के साथ 18,771.25 पर बंद हुआ था।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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