नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) जनवरी में इस्पात की कीमतें पांच प्रतिशत बढ़कर तीन महीने के उच्चतम स्तर 56,900 रुपये प्रति टन पर पहुंच गई हैं। शोध कंपनी स्टीलमिंट की रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।
रिपोर्ट में इस बढ़त के लिए ‘निर्यात शुल्क को हटाने और कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि’ को जिम्मेदार बताया गया है।
इस्पात उद्योग की परामर्शदाता कंपनी स्टीलमिंट के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर, 2022 में हॉट रोल्ड कॉइल (एचआरसी) की कीमत 56,000 रुपये प्रति टन थी। इस्पात विनिर्माताओं ने दिसंबर, 2022 में इसे घटाकर 53,950 कर दिया। लेकिन जनवरी में इसे बढ़ाकर 56,900 रुपये प्रति टन कर दिया गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कोकिंग कोयले की कीमतें पिछले महीने के 279 डॉलर प्रति टन से बढ़कर इस महीने 310 डॉलर प्रति टन हो गईं।
भारत अपनी कोकिंग कोयले की 85 प्रतिशत से अधिक जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर है।
इसके अलावा, देश में लौह अयस्क के दाम भी बढ़े हैं।
लौह अयस्क के सबसे बड़ी उत्पादक और आपूर्तिकर्ता एनएमडीसी ने इसकी कीमत 500 रुपये बढ़ाकर 3,410 रुपये प्रति टन कर दी है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने 21 मई, 2022 को कर लगाने के छह महीने बाद 19 नवंबर, 2022 से इस्पात उत्पादों और लौह अयस्क पर निर्यात शुल्क घटाकर शून्य कर दिया था।
भाषा रिया अजय
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