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Monday, 23 March, 2026
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स्टार्टअप का आय पर ध्यान देना, मुनाफे को नजरअंदाज करना पोंजी योजना जैसा बर्ताव: मूर्ति

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मुंबई, दो मार्च (भाषा) स्टार्टअप का मुनाफे को नजरअंदाज करते हुए आय बढ़ाने पर अधिक ध्यान देना और इस तरह अपना मूल्यांकन बढ़ाने पर जोर देना किसी ‘पोंजी योजना’ जैसा बर्ताव है। इंफोसिस के सह-संस्थापक एन आर नारायणमूर्ति ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।

उन्होंने कहा कि इस तरह के चलन को बढ़ावा देने का दोष ‘परिपक्व’ उद्यम पूंजी कोष और कंपनी के निदेशक मंडल पर है, न कि युवा उद्यमियों पर।

मूर्ति ने नासकॉम के एक कार्यक्रम में कहा कि लंबी अवधि के लाभों के लिए खुद इंफोसिस को बेहद कठिन फैसले करने पड़े। उन्होंने उद्यम पूंजी कोषों को हालात के बारे में बोलने के लिए खुला और ईमानदार रहने को कहा।

उन्होंने कहा कि बार-बार वित्त पोषण के चक्र के साथ बढ़ते मूल्यांकन का क्रम तब तक चलता है, जब तक कि कोई झटका नहीं लगता और फिर सब कुछ नीचे गिर जाता है।

वैश्विक आर्थिक माहौल में नकारात्मकता के बीच आईटी कंपनियों की मांग पर पड़े असर के बारे में मूर्ति ने संवाददाताओं से कहा कि कठिनाइयों के वक्त भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को हमेशा फायदा हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि चैटजीपीटी जैसे कृत्रिम मेधा मंच से भारत में आईटी नौकरियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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