scorecardresearch
Wednesday, 11 February, 2026
होमदेशअर्थजगतशिकॉगो एक्सचेंज में 1.5 प्रतिशत से अधिक तेजी के बावजूद सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम लुढ़के

शिकॉगो एक्सचेंज में 1.5 प्रतिशत से अधिक तेजी के बावजूद सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम लुढ़के

Text Size:

नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) शिकॉगो एक्सचेंज में सोमवार रात लगभग 1.5 प्रतिशत की मजबूती रहने के बावजूद भारत-अमेरिकी अंतरिम व्यापार समझौते के बाद बाजार की कारोबारी धारणा प्रभावित होने से देश के तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम टूट गये। दोपहर साढ़े तीन बजे मलेशिया एक्सचेंज की गिरावट और कारोबारी धारणा प्रभावित रहने की वजह से पाम-पामोलीन तेल के दाम में भी गिरावट रही। विदेशी तेलों के दाम टूटने के बीच बिनौला तेल के दाम में भी गिरावट देखी गई। कमजोर कारोबारी धारणा के बीच महंगे दाम वाले सरसों एवं मूंगफली तेल स्थिर बने रहे।

मलेशिया एक्सचेंज में दोपहर साढ़े तीन बजे डेढ़ प्रतिशत से भी ज्याादा की गिरावट थी जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में घट-बढ़ जारी है।

बाजार के जानकार सूत्रों ने बताया कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के संदर्भ में बाजार में अफवाह है कि सोयाबीन तेल का शुल्कमुक्त अथवा पहले से काफी कम शुल्क पर आयात बढ़ेगा। इससे स्थानीय बाजार में अजीब अफरा-तफरी का माहौल है। देश में सोयाबीन तेल के आयातक लागत से नीचे दाम पर सोयाबीन तेल बेच रहे हैं। महाराष्ट्र में सोयाबीन तिलहन का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से लगभग दो प्रतिशत नीचे और मध्य प्रदेश में एमएसपी से पांच प्रतिशत नीचे बिक रहा है।

उन्होंने कहा कि सोयाबीन किसान पिछले कुछ वर्षो से सोयाबीन की खेती में नुकसान उठा रहे थे क्योंकि सोयाबीन तेल के सस्ते आयात के कारण किसानों को सोयाबीन का वाजिब दाम नहीं मिल रहा था। लेकिन इस बार किसानों को एमएसपी के आसपास का दाम मिलना शुरू ही हुआ था तब तक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत विभिन्न खाद्य वस्तुओं के साथ-साथ सोयाबीन तेल के काफी कम या बगैर शुल्क का आयात बढ़ने की खबर से बाजार में हाय तौबा मच गई। हालांकि, समझौते का अंतिम स्वरूप अभी आना बाकी है लेकिन अफवाहों के बीच सोयाबीन किसानों और सोयाबीन प्लांट वालों में घबराहट है।

कमजोर बाजार धारणा के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर बने रहे। हालांकि, इन दोनों खाद्य तेलों के दाम पहले से ही ऊंचे हैं और इनमें कारोबार का स्तर सीमित रहा है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,950-6,975 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 7,000-7,375 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 17,100 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,725-3,025 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,400-2,500 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,400-2,545 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,430 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,850 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,725 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,600 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,200-5,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,800-4,850 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments