(राजकुमार लीशेम्बा)
म्यूनिख, 11 सितंबर (भाषा) चेक वाहन कंपनी स्कोडा ऑटो भारत को अपनी वृद्धि रणनीति में ‘दूसरा स्तंभ’ बनाने की तैयारी कर रही है ताकि भविष्य में यूरोपीय बाजार पर अत्यधिक निर्भरता से बचा जा सके। कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) क्लाउस जेलमर ने यह जानकारी दी।
इसके साथ ही कंपनी भारत में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खंड में बड़े पैमाने पर कदम रखने की योजना बना रही है और इसके लिए चीन में विकसित ‘सीएमपी21’ प्लेटफॉर्म को पूरी तरह स्थानीय रूप देने पर काम कर रही है।
जेलमर ने पीटीआई-भाषा के साथ खास बातचीत में कहा, ‘‘स्कोडा यूरोप में बहुत मजबूत है। हम यूरोप में तीसरे स्थान पर हैं। लेकिन सिर्फ एक क्षेत्र पर निर्भर रहना अच्छा नहीं है। इसलिए हम भारत को अपने कारोबार का दूसरा स्तंभ बनाना चाहते हैं और इसी वजह से पूरे मंच को स्थानीय रूप देने की योजना है।’’
उन्होंने कहा कि सीएमपी21 प्लेटफॉर्म सिर्फ बैटरी ईवी तक सीमित नहीं रहेगा और इस पर आधारित पेट्रोल इंजन वाले वाहन भी बनाए जा सकते हैं।
जेलमर ने कहा, ‘‘ईवी का असली खेल तब शुरू होगा जब हम अपना प्लेटफॉर्म स्थानीय कर लेंगे। हम इसे प्रौद्योगिकी के रूप में लाएंगे लेकिन वाहन प्लेटफॉर्म के लिए सबकुछ भारत में और भारत से ही स्रोत करेंगे।’’
उन्होंने भारत में एक छोटा ईवी मॉडल लाने की संभावना जताई लेकिन फिलहाल इसका विवरण साझा करने से इनकार किया।
उन्होंने जीएसटी दरों में कटौती को एक शानदार पहल बताते हुए कहा कि इससे कार उद्योग और बिक्री को बढ़ावा मिलेगा जिससे पूरा उद्योग लाभान्वित होगा।
हालांकि, जेलमर ने भारत में फॉक्सवैगन समूह की तरफ से अतिरिक्त एक अरब यूरो के निवेश की योजना से जुड़ी खबरों से इनकार किया।
उन्होंने भारत में कंपनी और फॉक्सवैगन समूह के मौजूदा प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए कहा, ‘‘फॉक्सवैगन और स्कोडा के पोर्टफोलियो, खासकर काइलैक एसयूवी के साथ, हम संतुष्ट हैं। हमने इस साल अपनी बिक्री दोगुनी की है।’’
भारत में फॉक्सवैगन समूह का नेतृत्व कर रही स्कोडा ऑटो के तहत पांच ब्रांड- स्कोडा, फॉक्सवैगन, ऑडी, पोर्शे और लेम्बोर्गिनी का संचालन किया जाता है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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