नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को मॉडल द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) को निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए उसमें सुधार का प्रस्ताव रखा।
सीतारमण ने यह भी कहा कि उद्योग के लिए व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 100 से अधिक उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए जन विश्वास विधेयक 2.0 पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस साल एक संशोधित केंद्रीय केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) रजिस्ट्री शुरू की जाएगी।
वित्तमंत्री ने कहा कि देश के नियमों को तकनीकी नवाचार के साथ बनाए रखना चाहिए और केंद्र पुराने कानूनों के तहत बनाए गए मानदंडों को अद्यतन बनायेगा।
वित्तमंत्री ने कहा कि कंपनी विलय के लिए त्वरित मंजूरी की आवश्यकताओं और प्रक्रियाओं को बढ़ाया जाएगा और प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
मॉडल बीआईटी का पुनर्गठन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ ही देशों ने मौजूदा मॉडल कर संधि को स्वीकार किया है और अधिकांश विकसित देशों ने विवादों के समाधान जैसे प्रावधानों के संबंध में कर पर अपनी आपत्तियां व्यक्त की हैं।
ये निवेश संधियां एक-दूसरे के देशों में निवेश की सुरक्षा और संवर्धन में मदद करती हैं।
ये समझौते इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भारत पहले ब्रिटिश दूरसंचार दिग्गज वोडाफोन और ब्रिटेन की केयर्न एनर्जी पीएलसी के खिलाफ करों के पूर्वव्यापी शुल्क को लेकर दो अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता मामले हार चुका है।
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
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