नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मजबूत निवेशक मांग के कारण मंगलवार को वायदा कारोबार में चांदी की कीमत बढ़कर 3.59 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं, जबकि सोना 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर रहा।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में चांदी के मार्च में आपूर्ति वाले अनुबंधों की कीमत 25,101 रुपये यानी 7.5 प्रतिशत बढ़कर 3,59,800 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
पिछले हफ्ते चांदी ने तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की थी, जो 46,937 रुपये यानी 16.3 प्रतिशत बढ़कर पहली बार तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई थी।
सोना के वायदा भाव में तेजी जारी रही और इसके फरवरी में आपूर्ति वाले अनुबंधों की कीमत 3,783 रुपये यानी 2.42 प्रतिशत चढ़कर 1,59,820 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।
पिछले सप्ताह सोने की कीमत में 13,520 रुपये यानी 9.5 प्रतिशत का उछाल आया था।
विश्लेषकों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव और नीतिगत अनिश्चितताओं से वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने-चांदी की कीमतों में तेज उछाल आया है।
मंगलवार को निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर तेजी से रुख किया, जिसके कारण सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल आया और वे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं।
मेहता इक्विटीज के उपाध्यक्ष राहुल कलंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और व्यापार से जुड़ी चिंताओं, खासकर आयात शुल्क बढ़ाने की धमकियों ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है। इसके कारण निवेशक सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना कि एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 पर भी निवेशकों की नजर रहेगी, क्योंकि आयात शुल्क और वित्तीय उपायों में बदलाव से घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
कलंत्री ने कहा कि राजकोषीय अनुशासन और नीतिगत विश्वसनीयता पर बढ़ती चिंताओं ने संप्रभु बॉन्ड और मुद्राओं में विश्वास को कम कर दिया है, जिससे सोने और चांदी जैसी संपत्तियों में बदलाव आया है।
भाषा योगेश रमण
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