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Monday, 30 March, 2026
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श्रीराम समूह की गैर-बैंकिंग वित्तीय इकाइयों का विलय दिसंबर तिमाही तक होगा

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नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) श्रीराम समूह की गैर-बैंकिंग वित्तीय इकाइयों का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही तक आपस में विलय होने की संभावना है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।

चेन्नई स्थित श्रीराम समूह ने दिसंबर, 2021 में दो गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के विलय की घोषणा की थी। विलय के बाद बनी कंपनी 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियों (एयूएम) के साथ देश में सबसे बड़ी खुदरा एनबीएफसी होगी। इसके पास 3,500 से अधिक शाखाओं का वितरण नेटवर्क होगा।

श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस लिमिटेड (एससीयूएफ) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वाई एस चक्रवर्ती ने कहा कि कंपनी को विलय के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है। एससीयूएफ और श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी (एसटीएफसी) का आपस में विलय होना है।

उन्होंने बताया कि इसे जल्द ही भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) तथा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

चक्रवर्ती ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘अब आगे हमें दो और मंजूरियों की जरूरत है। एक सीसीआई से और दूसरा इरडा से। इसे जल्द ही मिल जाना चाहिए। हमें उम्मीद है कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकण (एनसीएलटी) का अंतिम आदेश हमें आठ से दस सप्ताह में मिल जाएगा। ऐसे में, 8-10 सप्ताह का समय है, जब हमें (एनसीएलटी से) आदेश मिल जाएगा, और आदेश मिलने के बाद, हम इसे कानूनी रूप से संयुक्त इकाई मान सकते हैं।’’

चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो दिसंबर तिमाही में विलय के बाद बनी बही देखने को मिलेगी।’’

चक्रवर्ती, विलय से बनी संयुक्त इकाई के प्रबंध निदेशक और सीईओ भी होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमें नए सिरे से ब्रांडिंग करनी होगी।’’

उन्होंने कहा कि विलय से अधिक ग्राहकों तक पहुंचने की क्षमता मिलेगी और जहां कंपनी की उपस्थिति नहीं है, वहां भी उत्पादों की पेशकश की जा सकेगी।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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