नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) पूंजी बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को म्यूचुअल फंड योजनाओं के लिए बैंक जैसे वित्तीय संस्थानों से एक दिन की उधारी लेने की व्यवस्था के संबंध में दिशानिर्देश जारी किए।
इस व्यवस्था के तहत म्यूचुअल फंड योजनाएं चलाने वाली परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (एएमसी) के निदेशक मंडल के साथ ही ट्रस्टी बोर्ड को भी एक दिन की उधारी सुविधाओं के उपयोग को नियंत्रित करने वाली नीति को मंजूरी देनी होगी।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने परिपत्र में कहा कि एएमसी इस अनुमोदित नीति को अपनी वेबसाइट पर भी प्रदर्शित करेंगी।
सेबी ने कहा कि एक दिन के लिए ली गई उधारी का इस्तेमाल केवल विशिष्ट उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। इनमें यूनिट की पुनर्खरीद या भुगतान, ब्याज का भुगतान या यूनिटधारकों को पूंजी निकासी का भुगतान शामिल है।
नियामक ने यह भी शर्त रखी कि उधारी की राशि उसी दिन मिलने वाली तयशुदा प्राप्तियों से अधिक नहीं हो सकती है।
एक दिन की उधारी के लिए पात्र प्राप्तियों में ट्रेप्स, रिवर्स रेपो लेनदेन, सरकारी प्रतिभूतियों की परिपक्वता राशि, इन प्रतिभूतियों पर ब्याज भुगतान और इनकी बिक्री से प्राप्त आय शामिल हैं।
सेबी ने कहा कि म्यूचुअल फंडों के लिए एक दिन की उधारी की ये शर्तें एक अप्रैल, 2026 से लागू होंगी।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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