मुंबई, सात फरवरी (भाषा) भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने शनिवार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के वित्तीय नतीजे जारी किए, जिसके अनुसार बैंक का एकल शुद्ध लाभ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच कर 21,028 करोड़ रुपये रहा है।
शेयर बाजार को दी जानकारी के मुताबिक एकीकृत आधार पर सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक का शुद्ध लाभ 13.06 प्रतिशत बढ़कर 21,317 करोड़ रुपये रहा।
बैंक की एकल शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) सालाना आधार पर 9.04 प्रतिशत बढ़कर 45,190 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 41,446 करोड़ रुपये थी। ऋण में 15.14 प्रतिशत की वृद्धि से इसे समर्थन मिला, हालांकि घरेलू शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) 0.03 प्रतिशत घटकर 3.12 प्रतिशत रह गया।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक की गैर-ब्याज आय 15.65 प्रतिशत बढ़कर 8,404 करोड़ रुपये रही। बैंक का कुल खर्च 1,08,052 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 1,04,917 करोड़ रुपये था।
जमा के मोर्चे पर बैंक ने इस तिमाही के दौरान 9.02 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। बैंक का ताजा स्लिपेज (फंसा हुआ कर्ज) 4,458 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 3,823 करोड़ रुपये था।
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार हुआ है और 31 दिसंबर, 2025 तक सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (जीएनपीए) अनुपात सुधरकर 1.57 प्रतिशत रहा, जो सितंबर तिमाही में 1.73 प्रतिशत था। कुल प्रावधान 4,507 करोड़ रुपये रहे।
एसबीआई के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एसबीआई म्यूचुअल फंड से मिले 2,200 करोड़ रुपये के विशेष लाभांश, शुल्क आय में वृद्धि और बट्टे खाते में डाले गए खातों से हुई वसूली ने लाभ बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाई।
भाषा सुमित पाण्डेय
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