मुंबई, सात नवंबर (भाषा) भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने शुक्रवार को कहा कि देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक बैंक एसबीआई और निजी क्षेत्र के दो बैंक वर्ष 2030 तक बाजार पूंजीकरण के लिहाज से दुनिया के शीर्ष-10 बैंकों में शामिल होंगे।
शेट्टी ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 100 अरब डॉलर को पार कर चुका है।
उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एसबीआई नहीं है। हमारे निजी क्षेत्र के दो प्रमुख बैंक भी हैं जिनका बाजार मूल्यांकन काफी ऊंचा है। मेरा मानना है कि वे भी हमारे साथ आगे बढ़ेंगे।”
हालांकि शेट्टी ने निजी क्षेत्र के इन दोनों बैंकों के नाम नहीं बताए।
फिलहाल निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक 15.11 लाख करोड़ रुपये के बाजार मूल्यांकन के साथ देश का सबसे मूल्यवान बैंक है। वहीं आईसीआईसीआई बैंक 9.59 लाख करोड़ के मूल्यांकन के साथ दूसरे स्थान पर है।
एसबीआई का बाजार पूंजीकरण इस समय 8.82 लाख करोड़ रुपये है। हालांकि एसबीआई संपत्तियों के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा बैंक है और वैश्विक स्तर पर यह 43वें स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि बैंक ने पहले ही 2030 तक शीर्ष-10 वैश्विक बैंकों में स्थान पाने का लक्ष्य तय किया था।
एसबीआई चेयरमैन का यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार कई बैंकों को मिलाकर कुछ विशाल बैंकों के गठन पर जोर दे रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में कहा था कि देश को बड़े एवं विश्वस्तरीय बैंकों की जरूरत है।
इसके साथ ही शेट्टी ने कहा कि 25,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की प्रक्रिया का उद्देश्य वृद्धि के लिए पूंजी जुटाना न होकर बैंकिंग उद्योग को यह भरोसा देना है कि एसबीआई की पूंजी बफर स्थिति मजबूत है।
उन्होंने कहा कि साल के अंत तक पूंजी पर्याप्तता अनुपात 15 प्रतिशत से अधिक रहेगा, जबकि प्रमुख टियर-1 पूंजी स्तर 12 प्रतिशत के ऊपर बनाए रखने का लक्ष्य है।
शेट्टी ने कहा कि इंजीनियरिंग स्नातकों के बीच एसबीआई में नौकरी को लेकर बढ़ती रुचि से बैंक को प्रौद्योगिकी अनुकूलन और नई प्रतिभा को तेजी से कार्यक्षेत्र में लाने में मदद मिली है।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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