हैदराबाद, 26 नवंबर (भाषा) वैश्विक रक्षा एवं विमानन कंपनी सैफरान ने बुधवार को कहा कि फ्रांसीसी सरकार के पूर्ण समर्थन से वह भारत के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम के लिए इंजन प्रौद्योगिकी का पूर्ण हस्तांतरण करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सैफरान के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ओलिवर एंड्रीस ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कंपनी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ इंजन के सह-विकास पर तकनीकी एवं वाणिज्यिक चर्चाएं करेगी।
उन्होंने कहा कि भारत एकमात्र देश है जिसके लिए कंपनी इंजन प्रौद्योगिकी का पूरी तरह हस्तांतरण करने का प्रस्ताव दे रही है।
एंड्रीस ने कहा, ‘‘फ्रांस सरकार के पूरे समर्थन से हम अगले लड़ाकू विमान इंजन के विकास के लिए इंजन प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।’’
भारत ने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार की उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) के पांच प्रोटोटाइप विकसित करने की योजना है।
एंड्रीस हैदराबाद में सैफरान के लीप इंजन के रखरखाव, मरम्मत एवं देखभाल (एमआरओ) केंद्र के उद्घाटन के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर राफेल लड़ाकू विमानों में उपयोग होने वाले एम88 इंजन के लिए समर्पित एमआरओ संयंत्र का शिलान्यास भी किया गया।
सैफरान ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय वायुसेना द्वारा राफेल लड़ाकू विमानों के अतिरिक्त ऑर्डर देने की स्थिति में कंपनी भारत में राफेल इंजन तथा अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों की अंतिम असेंबली लाइन स्थापित करेगी।
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