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Tuesday, 27 January, 2026
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रुपया 22 पैसे की बढ़त के साथ 91.68 प्रति डॉलर पर

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मुंबई, 27 जनवरी (भाषा) रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर से उबरते हुए मंगलवार को 22 पैसे की बढ़त के साथ 91.68 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। अमेरिकी डॉलर सूचकांक में गिरावट और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता के संपन्न होने से रुपये को समर्थन मिला।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि माह के अंत में आयातकों की डॉलर मांग से रुपये की तेजी पर अंकुश लगा।

उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से घरेलू बाजार की धारणा मजबूत हुई। हालांकि जिंस और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने तेज बढ़त को सीमित कर दिया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 91.82 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान टूटकर 91.90 प्रति डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया। अंत में 91.68 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 22 पैसे की बढ़त है।

रुपया शुक्रवार को कारोबार के दौरान 92 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि अंत में मामूली सुधार के साथ 91.90 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को मुद्रा और शेयर बाजार बंद थे।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ हमें उम्मीद है कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से घरेलू बाजार की धारणा मजबूत होगी। इसलिए रुपये में मामूली सकारात्मक रुझान देखने को मिलेगा। अमेरिकी डॉलर सूचकांक में कमजोरी, रुपये को और भी मजबूती प्रदान कर सकती है।’’

उन्होंने कहा कि हालांकि, विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली और मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव से रुपये पर दबाव पड़ सकता है।

चौधरी ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 91.30 से 92 के बीच रहने का अनुमान है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और भारत द्वारा यूरोपीय संघ के साथ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के कारण रुपये में मजबूती आई। हालांकि, डॉलर की आयातकों और महीने के अंत में मांग के कारण यह मजबूती सीमित रही, जबकि पूंजी प्रवाह भी सीमित बना हुआ है।’’

इस बीच, भारत और यूरोपीय संघ ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत पूरी होने की मंगलवार को घोषणा की। इसके तहत परिधान, रसायन व जूते-चप्पल जैसे कई घरेलू क्षेत्रों को 27 देशों के इस समूह में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। साथ ही यूरोपीय संघ को कार और शराब पर रियायती शुल्क के साथ भारतीय बाजार में प्रवेश मिलेगा।

इस समझौतो को अभी तक का ‘सबसे बड़ा समझौता’ बताया जा रहा है क्योंकि इससे करीब दो अरब लोगों का बाजार बनेगा।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 97.01 पर रहा।

घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर सेंसेक्स 319.78 अंक चढ़कर 81,857.48 अंक पर जबकि निफ्टी 126.75 अंक की बढ़त के साथ 25,175.40 अंक पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 65.60 डॉलर प्रति बैरल रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 4,113.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

भाषा रमण पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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