मुंबई, सात नवंबर (भाषा) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुक्रवार को दो पैसे गिरकर 88.65 (अस्थायी) पर बंद हुआ। अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच रुपये में गिरावट आई।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में कमजोर रुख का भी घरेलू मुद्रा पर असर पड़ा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 88.61 पर खुला और कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 88.72 के निचले स्तर तक गिर गया। कारोबार के अंत में यह 88.65 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले दो पैसे की गिरावट है।
रुपया बृहस्पतिवार को डॉलर के मुकाबले सात पैसे बढ़कर 88.63 पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि वैश्विक बाजार में जोखिम रहित भावनाओं और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण रुपया कमजोर हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में सुधार ने भी रुपये पर दबाव डाला। सरकारी बैंकों के अमेरिकी डॉलर बेचने की खबरों ने रुपये की गिरावट को कम किया।
चौधरी ने कहा, ”हमारा अनुमान है कि कमजोर अमेरिकी श्रम बाजार और मजबूत अमेरिकी डॉलर को लेकर चिंताओं के बीच वैश्विक बाजारों में नरमी के कारण रुपया थोड़े नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। आयातकों की मांग भी रुपये पर दबाव डाल सकती है। हालांकि, आरबीआई के हस्तक्षेप से निचले स्तरों पर रुपये को सहारा मिल सकता है।”
उन्होंने कहा कि हाजिर बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 88.45 – 89 के बीच रह सकता है।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.14 प्रतिशत बढ़कर 99.72 पर पहुंच गया।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.09 प्रतिशत बढ़कर 64.07 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को 3,263.21 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा पाण्डेय रमण
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