मुंबई, 13 फरवरी (भाषा) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया बृहस्पतिवार को तीन पैसे की बढ़त के साथ 86.92 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर लगभग स्थिर बंद हुआ। डॉलर के कमजोर रहने और विदेशों में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मिले समर्थन को घरेलू शेयर बाजारों में सुस्ती के रुख ने बेअसर कर दिया।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, विदेशी फंडों के निरंतर धन निकासी ने रुपये पर दबाव डाला और इसकी बढ़त को रोक दिया। हालांकि, अमेरिकी आंकड़ों में उम्मीद से अधिक मुद्रास्फीति दिखाए जाने के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से डॉलर कमजोर हुआ।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 86.82 पर मजबूत खुला और दिन के कारोबार के दौरान 86.77 के उच्च स्तर को छू गया। हालांकि, डॉलर के मुकाबले रुपया 86.92 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद होने से पहले दिन के निचले स्तर 86.94 को छू गया, जो पिछले बंद से तीन पैसे अधिक था। बुधवार को रुपया, डॉलर के मुकाबले 16 पैसे गिरकर 86.95 पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि कमजोर अमेरिकी डॉलर सूचकांक और एफआईआई की बिकवाली के दबाव के बीच बृहस्पतिवार को रुपया सपाट से लेकर सकारात्मक तक रहा।
उन्होंने कहा कि घरेलू इक्विटी में समग्र कमजोरी और अमेरिकी डॉलर में अंतर्निहित मजबूती के बीच रुपये के नकारात्मक रुझान के साथ कारोबार करने की उम्मीद है।
चौधरी ने कहा, ‘‘एफआईआई की बिकवाली से भी रुपये पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, रिजर्व बैंक द्वारा आगे कोई हस्तक्षेप रुपये को निचले स्तरों पर सहारा दे सकता है। व्यापारी अमेरिका से पीपीआई डेटा से संकेत ले सकते हैं।’’ उन्होंने डॉलर-रुपये की हाजिर कीमत 86.60 से 87.30 रुपये के बीच रहने का अनुमान लगाया।
इस बीच, छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.33 प्रतिशत गिरकर 107.47 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.17 प्रतिशत गिरकर 74.30 डॉलर प्रति बैरल रह गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बुधवार को शुद्ध आधार पर 4,969.30 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की।
भाषा राजेश राजेश पाण्डेय
पाण्डेय
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