मुंबई, 24 जून (भाषा) अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया शुक्रवार को एक पैसे की मामूली गिरावट के साथ 78.33 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। गिरावट का कारण केंद्रीय बैंकों द्वारा सख्त मौद्रिक नीति अपनाना और लगातार विदेशी पूंजी की निकासी को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं।
बाजार सूत्रों ने कहा कि सकारात्मक घरेलू शेयर बाजार और विदेशों में डॉलर के कमजोर रहने से रुपये को समर्थन मिला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में स्थानीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 78.20 पर खुली और कारोबार के अंत में एक पैसे की गिरावट के साथ 78.33 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निम्न स्तर पर बंद हुई। कारोबार के दौरान रुपया ऊंचे में 78.19 और नीचे में 78.35 तक गया।
बृहस्पतिवार को, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 78.32 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ अनुसंधान विश्लेषक श्रीराम अय्यर के अनुसार, शुक्रवार को भारतीय रुपये के मूल्य में गिरावट आई। मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंकों द्वारा आक्रामक मौद्रिक नीति अपनाने से वैश्विक आर्थिक मंदी को लेकर जोखिम बढ़ने की चिंताओं के बीच रुपया लगातार आठवें सप्ताह कमजोर बना रहा।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 104.17 रह गया।
वैश्विक तेल सूचकांक ब्रेंट क्रूड वायदा 1.13 प्रतिशत बढ़कर 111.29 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक 462.26 अंक की तेजी के साथ 52,727.98 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक बृहस्पतिवार को शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने 2,319.06 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश रमण
रमण
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
