नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर (भाषा) जनवरी-सितंबर 2025 के दौरान कई गैर-अमेरिकी बाजारों में भारत के वस्त्र, रत्न एवं आभूषण, और समुद्री उत्पादों के निर्यात में मजबूत वृद्धि हुई है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है।
एशिया, यूरोप और पश्चिम एशिया में बढ़ती मांग के कारण इन क्षेत्रों के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), वियतनाम, बेल्जियम और सऊदी अरब जैसे गंतव्यों को निर्यात में तेज वृद्धि दर्ज की गई।
आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी-सितंबर के दौरान भारत का समुद्री निर्यात सालाना आधार पर 15.6 प्रतिशत बढ़कर 4.83 अरब डॉलर हो गया। ऐसा मुख्य रूप से कई गैर-अमेरिकी गंतव्यों में बढ़ती मांग के कारण हुआ।
अमेरिका 1.44 अरब डॉलर के साथ भारत का शीर्ष निर्यात गंतव्य बना हुआ है, जबकि तेजी से वृद्धि के लिहाज से वियतनाम (100.4 प्रतिशत), बेल्जियम (73.0 प्रतिशत) और थाईलैंड (54.4 प्रतिशत) प्रमुख देश रहे। इससे एशिया और यूरोप में भारत के समुद्री खाद्य व्यापार के बढ़ते विविधीकरण का पता चलता है।
इसके अलावा चीन (9.8 प्रतिशत), मलेशिया (64.2 प्रतिशत) और जापान (10.9 प्रतिशत) में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ”निर्यात विविधीकरण का एक स्पष्ट रुझान दिखाई दे रहा है, जिसमें वियतनाम और बेल्जियम जैसे उभरते गंतव्य बाजार हिस्सेदारी हासिल कर रहे हैं। थाईलैंड, मलेशिया और चीन जैसे स्थापित एशियाई साझेदारों ने अपने आयात की मात्रा बढ़ा दी है।”
अधिकारी ने कहा कि निर्यात विविधीकरण अमेरिकी बाजार पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को कम करता है, जहां भारतीय निर्यातकों को 50 प्रतिशत के भारी शुल्क का सामना करना पड़ रहा है।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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