नयी दिल्ली, दो अक्टूबर (भाषा) वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि चेन्नई सीमा-शुल्क अधिकारियों पर विनट्रैक इंक की तरफ से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की गहन जांच के लिए राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया गया है।
आयात कंपनी विनट्रैक इंक ने एक अक्टूबर को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर चेन्नई के सीमा शुल्क अधिकारियों पर उत्पीड़न और रिश्वत की मांग का आरोप लगाते हुए अपना कारोबार बंद करने की घोषणा की थी।
चेन्नई स्थित विनट्रैक इंक के संस्थापक प्रवीण गणेशन ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक वीडियो भी डाला। उन्होंने इस वीडियो में जनवरी 2025 से अब तक की घटनाओं का विवरण देते हुए कहा कि इस वजह से उन्हें अपना कारोबार बंद करना पड़ा।
गणेशन ने कहा कि उनके आयातित माल को चेन्नई सीमा शुल्क विभाग ने रोक लिया था और सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा मांगी गई रिश्वत का भुगतान करने के बाद ही माल छोड़ा गया था।
वित्त मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर कहा कि सरकार ने विनट्रैक की तरफ से उठाए गए मामले को संज्ञान में लिया है और राजस्व विभाग को इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्य-आधारित जांच करने के लिए कहा गया है।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘मामले की विस्तृत तथ्यपरक जांच करने, संबंधित पक्षों एवं अधिकारियों का पक्ष जानने और सभी प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ साक्ष्य की गहन जांच करने के लिए राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया गया है।’’
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है और सरकार कानून के अनुरूप उचित और शीघ्र कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्रालय ने कहा कि हाल के वर्षों में सरकार ने पारदर्शिता और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करदाता चार्टर को अपनाने के साथ सीमा शुल्क प्रक्रियाओं की फेसलेस (अधिकारी और करदाता के आमने-सामने आए बिना) शुरुआत और विवाद समाधान के लिए अपीलीय निकायों की स्थापना जैसे उपाय लागू किए हैं।
सीमा-शुल्क विभाग की नियामक संस्था केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने इस संदर्भ में ‘एक्स’ पर कहा कि यह मामला आयातक द्वारा गलत घोषणा और गलत वर्गीकरण से संबंधित है।
सीबीआईसी ने कहा, ‘‘सभी तथ्यों की विधिवत जांच की जाएगी और कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।’’
भाषा रमण प्रेम
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