चेन्नई, 13 फरवरी (भाषा) फ्रांस की वाहन कंपनी रेनो और जापान की निसान ने अगले 15 साल में देश में 60 करोड़ डॉलर (5,300 करोड़ रुपये) के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। कंपनी तमिलनाडु के वाहन बाजार में उतर गई है।
निसान के वैश्विक मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) और अलायंस बोर्ड के सदस्य अश्विनी गुप्ता ने यहां कहा कि नए दौर के निवेश के साथ दोनों कंपनियां छह नए मॉडल उतारेंगी। इनमें दो इलेक्ट्रिक मॉडल होंगे। इनमें दोनों कंपनियों के तीन-तीन मॉडल होंगे।
कंपनी के नए वाहनों में परंपरागत इंजन वाली चार एसयूवी भी होंगी। इनमें से पहली को बाजार में 2025 में उतारा जाएगा।
इस गठजोड़ को उम्मीद है कि नए निवेश से देश में शोध एवं विकास की अतिरिक्त गतिविधियों से 2,000 नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। गठजोड़ का इरादा भारत में स्थानीय स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहन के उत्पादन का भी है।
अभी दोनों कंपनियां यहां से 45 किलोमीटर दूर ओरागदम के चेन्नई कारखाने में चार मॉडलों का उत्पादन करती हैं। गुप्ता ने कहा कि रेनो-निसान का विनिर्माण संयंत्र 2025 तक कॉर्बन निरपेक्ष हो जाएगा। यहां सिर्फ नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल होगा।
दोनों कंपनियां अपने संयुक्त उद्यम तथा शोध एवं विकास इकाइयों के लिए पूंजी ढांचे का भी पुनर्गठन कर रही हैं जिससे दोनों की भागीदारी समान हो जाएगी। इससे पहले गठजोड़ ने इसी महीने अपने वैश्विक ढांचे के पुनर्गठन की घोषणा की थी।
भाषा अजय अजय रमण
रमण
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
