नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) पूंजी बाजार नियामक सेबी ने रेलिगेयर फिनवेस्ट का धन दूसरी जगह भेजने के मामले में 32.10 करोड़ रुपये की वसूली के लिए शिविंदर मोहन सिंह एवं चार इकाइयों के बैंक और डीमैट खातों को कुर्क करने का आदेश दे दिया।
रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) की एक अनुषंगी है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने आरएफएल के वित्त को दूसरी जगह भेजने के मामले में शिविंदर मोहन सिंह, मालव होल्डिंग्स, आरएचसी होल्डिंग्स, एएनआर सिक्योरिटीज और रेलीगेयर कॉर्पोरेट सर्विसेज (अब फिनसर्व शेयर्ड सर्विसेज) से 32.10 करोड़ रुपये की वसूली के लिए कुर्की का यह आदेश दिया है।
नियामक ने सोमवार को जारी इस आदेश में कहा कि वसूली जाने वाली राशि में ब्याज, लागत, शुल्क और व्यय शामिल हैं।
सेबी ने अपने नोटिस में सभी बैंकों, डिपॉजिटरी और म्यूचुअल फंड से शिविंदर, मालव होल्डिंग्स, आरएचसी होल्डिंग और एएनआर सिक्योरिटीज के खातों से किसी भी प्रकार की निकासी नहीं करने को कहा है। हालांकि इनमें रुपये जमा करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
शेयर बाजार नियामक ने सभी चूककर्ताओं के सभी बैंक खातों और लॉकरों को कुर्क करने का निर्देश सभी बैंकों को दिया है।
महीने की शुरुआत में सेबी ने रेलिगेयर फिनवेस्ट के एक मामले में रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के पूर्व प्रवर्तक मलविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह समेत विभिन्न इकाइयों को नोटिस जारी कर उनसे 15 दिन के अंदर 48.15 करोड़ रुपये अदा करने को कहा था।
भाषा अनुराग प्रेम
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