नयी दिल्ली, 22 दिसंबर (भाषा) उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत के खुदरा क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की कवायद के तहत जर्मनी की कंपनी मेट्रो एजी के भारत में थोक परिचालन का 2,850 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करेगी।
दोनों कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की अनुषंगी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) ने मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया में 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी के 2,850 करोड़ रुपये में अधिग्रहण के लिए आज एक पक्का समझौता किया है।’’
रिलायंस के देश में 16,600 से अधिक स्टोर हैं और एक मजबूत थोक कारोबार कंपनी के अधिग्रहण से देश में इसकी स्थिति और मजबूत हो सकेगी।
मेट्रो ने भारत में 2003 में परिचालन शुरू किया था। इसके 21 शहरों में 31 बड़े स्टोर हैं और 3,500 कर्मचारी उसके साथ काम करते हैं। इसके स्टोर फल, सब्जियां, किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपयोग की वस्तुओं और कपड़ों की होटल और रेस्तरां जैसे कारोबारी ग्राहकों, कार्यालयों, कंपनियों, छोटे खुदरा व्यापारियों और किराना दुकानदारों को बिक्री करते हैं।
इनमें से उसके आधे से ज्यादा स्टोर दक्षिण भारत में स्थित हैं।
मॉर्गन स्टेनली ने कहा, ‘‘रिलायंस बीते कुछ वर्षों में देश में बड़े किराना स्टोर परिवेश पर ध्यान दे रही है और मेट्रो के थोक व्यापार का अधिग्रहण एक सकारात्मक कदम है।’’
इस अधिग्रहण से रिलायंस रिटेल को कई अहम शहरों में मौके की जगहों पर स्थित 31 बड़े आकार के मेट्रो इंडिया स्टोर्स तक पहुंच मिल जाएगी। इसके अलावा वह बड़ी संख्या में पंजीकृत किराना एवं अन्य संस्थागत ग्राहकों और आपूर्ति के मजबूत नेटवर्क से भी जुड़ जाएगी।
बयान में कहा गया कि यह सौदा मार्च, 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है।
आरआरवीएल की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा, ‘‘यह अधिग्रहण, छोटे व्यापारियों और उद्यमों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग के जरिये साझा समृद्धि का अनोखा मॉडल बनाने की हमारी नई वाणिज्यिक रणनीति के अनुरूप है।’’
मेट्रो एजी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) स्टेफन ग्रुबेल ने कहा, ‘‘मेट्रो इंडिया में हम बहुत ही गतिशील बाजार में बढ़ता हुआ एवं लाभदायक थोक व्यापार कर रहे हैं। हमें भरोसा है कि रिलायंस के रूप में हमने एक उपयुक्त साझेदार पाया है जो भविष्य में इस बाजार परिदृश्य में मेट्रो इंडिया का नेतृत्व सफलतापूर्वक करने में सक्षम है।’’
भारत के खुदरा बाजार का आकार 60 लाख करोड़ रुपये है जिसमें से 60 प्रतिशत खानपान की वस्तुओं और किराना का है। पूरे खुदरा बाजार में संगठित खुदरा की हिस्सेदारी करीब 12 प्रतिशत होने का अनुमान है। संगठित खाद्य एवं किराना कारोबार के बाजार में रिलायंस की मौजूदा हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है।
भाषा मानसी अजय
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