नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी जोसेफ जोशी ने कहा कि स्टार्टअप और अन्य कंपनियों को सुरक्षित और नियंत्रित माहौल में काम करने के लिए नियामकीय ‘सैंडबॉक्स’ जरूरी हैं।
नियामकीय ‘सैंडबॉक्स’ एक ऐसा नियंत्रित या सुरक्षित माहौल होता है जिसे सरकार या नियामक संस्थाएं (जैसे आईएफएससीए) बनाती हैं। इसमें स्टार्टअप या कंपनियां अपने नए उत्पाद, तकनीक या सेवाओं का परीक्षण बिना किसी बड़े कानूनी या वित्तीय जोखिम के कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि इससे कंपनियां तय नियमों के भीतर रहकर नए विचारों और उत्पादों पर काम कर सकती हैं और इससे नवाचार प्रभावित नहीं होता।
राष्ट्रीय राजधानी में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के एक सत्र में आईएफएससीए के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वह नियामक के नजरिये से चीजों को देखेंगे।
पांच दिन का यह शिखर सम्मेलन सोमवार को शुरू हुआ।
इस सम्मेलन में कई राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख, विदेशी प्रतिनिधि और उद्योग जगत के दिग्गज शामिल होंगे।
जोशी ने कहा, ‘‘नियामकीय संस्थाओं के बीच ‘सैंडबॉक्स’ का होना जरूरी है। इससे स्टार्टअप और अन्य कंपनियां तय दिशानिर्देशों के भीतर सुरक्षित माहौल में नए विचार और उत्पाद विकसित कर सकेंगी।’’
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य नवाचार को रोकना नहीं बल्कि उसे बढ़ावा देना है।
भाषा योगेश अजय
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