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Wednesday, 25 February, 2026
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राजस्थान: राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय का होगा गठन

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जयपुर, 25 फरवरी (भाषा) राजस्थान मंत्रिमंडल ने बुधवार को कई अहम आर्थिक और औद्योगिक फैसलों को मंजूरी दी, जिसमें राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय का गठन और औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति को मंजूरी शामिल है।

यहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ये फैसले किए गए।

बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि आर्थिक अपराधों पर प्रभावी रोकथाम तथा वित्तीय अनुशासन के लिए राज्य राजस्व आसूचना निदेशालय को समाप्त कर राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय के गठन का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने बताया कि इससे जमीन जायदाद में धोखाधड़ी, बैंक-बीमा एवं शेयर बाजार से जुड़े वित्तीय अपराध, ‘मल्टी लेवल मार्केटिंग’ ठगी, झूठा दिवालियापन, फर्जी नियोजन एजेंसी तथा फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से नौकरी या प्रवेश से संबंधित मामलों पर शीघ्र कार्रवाई हो सकेगी।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया औद्योगिक विकास को नई गति देने, निवेश को प्रोत्साहित करने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने तथा सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026 लाई जाएगी।

इस नीति के अंतर्गत निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए मॉडल-ए (पूरी तरह रीको द्वारा आवंटित भूमि पर विकास), मॉडल-बी (80 प्रतिशत भूमि विकासकर्ता द्वारा अधिग्रहण एवं शेष 20 प्रतिशत भूमि रीको द्वारा निर्धारित दरों पर), मॉडल-सी (संपूर्ण भूमि की विकासकर्ता द्वारा व्यवस्था) तथा मॉडल-डी (पीपीपी मॉडल) निर्धारित किए हैं।

उन्होंने बताया कि इस नीति के अंतर्गत निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्कों के लिए कम से कम 50 एकड़ क्षेत्रफल तथा न्यूनतम 10 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना अनिवार्य होगी। राज्य सरकार औद्योगिक पार्क के लिए सामान्य अवसंरचना विकास पर 20 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान भी देगी। इसकी अधिकतम सीमा 100 एकड़ तक के पार्क के लिए 20 करोड़ रुपये, 100 से 250 एकड़ के लिए 30 करोड़ रुपये तथा 250 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल के लिए 40 करोड़ रुपये होगी।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बताया कि राज्य मंत्रिमण्डल की 23 अगस्त 2025 को आयोजित बैठक में टोंक रोड, बी2 बाईपास, जयपुर स्थित रीको की भूमि पर तीन हजार 55 करोड़ रुपये की लागत से राजस्थान मंडपम, वैश्विक क्षमता केंद्र एवं अन्य विकास कार्यों के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी। इस प्रस्ताव के तहत 635 करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जानी है।

मंत्रिमण्डल की बैठक में संशोधित वित्तीय मॉडल का अनुमोदन किया गया, जिसके अंतर्गत परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 5,815 करोड़ रुपये तथा अनुमानित राजस्व प्राप्ति 5,825 करोड़ रुपये है। इस संशोधित मॉडल में लगभग 10 करोड़ रुपये की शुद्ध आय भी संभावित है।

भाषा पृथ्वी राजकुमार पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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