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Friday, 27 February, 2026
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ऊर्जा बदलाव के पहले कीमतों में उठापटक से सुरक्षा जरूरीः पुरी

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(अम्मार जैदी)

बेंगलुरु, सात फरवरी (भाषा) पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को ऊर्जा बदलाव के लिए भारत की प्रतिबद्धता जताने के साथ ही कहा कि हरित ऊर्जा की तरफ कदम बढ़ाने से पहले देश को कीमतों में मौजूदा उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रखना जरूरी है।

भारत ने वर्ष 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य रखा हुआ है। इसके साथ ही उसने बार-बार कहा है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तेल एवं कोयला जैसे ‘खराब’ ईंधन का भी इस्तेमाल निकट भविष्य में जारी रखेगा।

पुरी ने यहां आयोजित ‘भारत ऊर्जा सप्ताह’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जा संसाधनों के मौजूदा उतार-चढ़ाव के दौर में खुद को बचाकर न रख पाने की स्थिति में भारत स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की दुनिया में कदम नहीं रख पाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘किफायती परंपरागत ऊर्जा संसाधन बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी हैं जबकि अधिक स्वच्छ, टिकाऊ एवं नवाचारी नवीन ऊर्जा स्रोत जलवायु परिवर्तन के खतरे से लड़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं।’’

पिछले साल यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद बदले हुए भू-राजनीतिक हालात में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ऐसी स्थिति में स्वच्छ ऊर्जा के हिमायती रहे यूरोपीय देशों ने फिर से जीवाश्म ईंधनों का इस्तेमाल बढ़ा दिया।

भारत अपनी 85 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत को आयात से पूरा करता है जबकि आधी गैस भी विदेश से मंगानी पड़ती है। इस तरह भारत का ऊर्जा आयात बिल काफी बढ़ गया था। ऐसी स्थिति में भारत ने आत्मनिर्भर होने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।

पुरी ने कहा, ‘‘हम ऊर्जा बदलाव को मुमकिन बनाने की जरूरत को लेकर सजग हैं। हमें यह सुनिश्चित करना है कि इस बदलाव के दौरान हम कीमतों में उतार-चढ़ाव से सुरक्षित बने रहें।’’

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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