scorecardresearch
Wednesday, 4 March, 2026
होमदेशअर्थजगतप्रयोगशाला में हीरा बनाने के ‘सीड’ पर आयात शुल्क घटाने का बजट में प्रस्ताव

प्रयोगशाला में हीरा बनाने के ‘सीड’ पर आयात शुल्क घटाने का बजट में प्रस्ताव

Text Size:

नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) सरकार ने प्रयोगशाला में बनाए जाने वाले हीरों के लिए कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल होने वाले ‘सीड्स’ के आयात पर शुल्क में कटौती करने का बुधवार को प्रस्ताव रखा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत प्राकृतिक हीरों की कटिंग एवं पॉलिश में वैश्विक केंद्र बन चुका है और इस समय मूल्य के लिहाज से वैश्विक कारोबार में तीन-चौथाई योगदान देता है।

सीतारमण ने कहा, ‘‘प्राकृतिक हीरों के भंडार में गिरावट आने से हीरा उद्योग अब प्रयोगशाला में विकसित हीरों (एलजीडी) की तरफ बढ़ रहा है और इसमें काफी संभावनाएं हैं। इस अवसर का लाभ उठाने के लिए एलजीडी के विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाले सीड्स पर बुनियादी आयात शुल्क घटाए जाने का प्रस्ताव किया जाता है।’’

रत्न एवं आभूषण निर्यातक सरकार से कृत्रिम हीरों के कच्चे माल पर आयात शुल्क घटाने की मांग लंबे समय से करते रहे हैं। उद्योग का कहना है कि प्रयोगशाला में बनाए गए हीरों का इस्तेमाल बढ़ने से उनकी लागत घटेगी और लाभप्रद विकल्प तैयार हो पाएगा।

कृत्रिम हीरों का उत्पादन प्रयोगशालाओं में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी की मदद से किया जाता है। इसमें कच्चे माल के तौर पर एक सीड का इस्तेमाल होता है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments