नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को विदेशों में महत्वपूर्ण खनिज परिसंपत्तियों के अधिग्रहण की प्रगति और महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना के प्रदर्शन की समीक्षा की। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री ने खान मंत्रालय की त्रैमासिक क्षेत्रीय समीक्षा बैठक की।
उन्होंने बताया कि विदेशों में परिसंपत्तियों का अधिग्रहण देश के दीर्घकालिक आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका मकसद इलेक्ट्रिक परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा जैसे क्षेत्रों में उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण खनिजों के लिए स्थिर आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करना है।
विदेशों में परिसंपत्तियों के अधिग्रहण की प्रगति इन खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित करने के राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप है।
सूत्रों ने बताया कि समीक्षा बैठक के दौरान दुर्लभ खनिज तत्वों की उपलब्धता की स्थिति पर भी चर्चा हुई, जो काफी सार्थक रही।
प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना के प्रदर्शन की समीक्षा भी की। इसे पिछले साल केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। इस योजना का उद्देश्य देश में द्वितीयक स्रोतों से महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण की क्षमता विकसित करना है।
भाषा पाण्डेय रमण
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