नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को 15 राज्यों में फैली 65,000 करोड़ रुपये के कुल निवेश वाली आठ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। इसमें स्पष्ट समयसीमा और गतिरोधों को जल्द दूर करने की बात कही गयी।
‘सक्रिय राजकाज और समयबद्ध कार्यान्वयन’ (प्रगति) मंच की 49वीं बैठक में समीक्षा की गई परियोजनाएं खान, रेलवे, जल संसाधन और बिजली सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हुई थीं।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों के अधिकारियों से परिणाम-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने, अवसरों को लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार में बदलने और नागरिकों के लिए जीवन को आसान बनाने और उद्यमों के लिए व्यापार करने में आसानी के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
मोदी ने कहा कि क्रियान्वयन में देरी से दोहरी लागत आती है। अक्सर परियोजना व्यय बढ़ जाता है और नागरिकों को आवश्यक सेवाओं एवं बुनियादी ढांचे तक समय पर पहुंच से वंचित होना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों को भी प्रमुख परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और निगरानी के लिए अपने स्तर पर संस्थागत प्रणाली विकसित करनी चाहिए, ताकि समय पर कार्यान्वयन और बाधाओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।
प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से प्रतिस्पर्धी क्षमता में सुधार, दक्षता को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में नवोन्मेष को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सुधारों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि इन सुधारों के माध्यम से बेहतर तैयारी हमें उभरते अवसरों का तेजी से लाभ उठाने में सक्षम बनाएगी।
सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित बहु-मॉडल प्रगति मंच केंद्र और राज्यों को प्रमुख परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने, बाधाओं को दूर करने और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक साथ लाता है।
भाषा रमण प्रेम
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