नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) पीरामल एंटरप्राइजेज बीमा क्षेत्र के नियामक आईआरडीएआई के नियमों के कारण रिलायंस निप्पन लाइफ इंश्योरेंस का अधिग्रहण नहीं कर सकेगी। कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल की समाधान प्रक्रिया में रिलायंस निप्पन भी शामिल है।
रिलायंस कैपिटल लिमिटेड और उसकी अनुषंगियों के 54 संभावित समाधान आवेदकों में से एक पीरामल एंटरप्राइजेज भी है।
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक एक प्रवर्तक की एक ही खंड में एक से अधिक बीमा कंपनियों में हिस्सेदारी नहीं हो सकती है।
प्रावधानों के मुताबिक बीमा कंपनी में निवेशक स्वयं के पास दस फीसदी से अधिक और संयुक्त रूप से 25 फीसदी से अधिक चुकता इक्विटी शेयर पूंजी नहीं रख सकता है।
सूत्रों ने बताया कि नियामक के इस प्रावधान के कारण पीरामल एंटरप्राइज रिलायंस निप्पन लाइफ इंश्योरेंस के अधिग्रहण की योग्यता नहीं रखती है। उन्होंने कहा कि कंपनी रिलायंस कैपिटल के अन्य व्यवसायों (बीमा को छोड़कर) के लिए आवेदन दे सकती है।
पीरामल एंटरप्राइजेज प्रामेरिका लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की प्रवर्तक है जबकि श्रीराम कैपिटल में उसका 20 फीसदी अप्रत्यक्ष निवेश है।
भाषा मानसी पाण्डेय
पाण्डेय
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