नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की और भारत के सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए ऋण पहुंच, नियामकीय सहायता और वित्तीय दक्षता बढ़ाने के सुझाव दिए।
यह बैठक पिछले शुक्रवार को मुंबई स्थित आरबीआई मुख्यालय में हुई।
पीएचडीसीसीआई ने बयान में कहा, ‘‘निकाय ने ऋण गारंटी योजनाओं के विस्तार के लिए केंद्र सरकार के कदम की सराहना की और आरबीआई से प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। आरबीआई को यह सुझाव दिया गया कि ऋण पाने में चुनौतियों का सामना कर रहे एमएसएमई क्षेत्र का समर्थन करने के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों के स्तर पर ‘हेल्प डेस्क’ बनाने चाहिए।”
इस दौरान आम बजट में घोषित सूक्ष्म वित्त सुविधा कार्ड को लागू करने का सुझाव भी दिया गया, जिनमें प्रत्येक की सीमा पांच लाख रुपये है।
पीएचडीसीसीआई ने उपभोक्ता क्रेडिट कार्ड से अलग पहचान के लिए इनका नाम बदलने, जारी करने की प्रक्रियाओं का मानक बनाने, ब्याज दर की सीमा सुनिश्चित करने और कार्ड आवेदनों की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत पोर्टल शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा।
उद्योग जगत ने पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए कागजी कार्रवाई कम करने और सभी संस्थानों में बैंकिंग दस्तावेजीकरण को डिजिटल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
पीएचडीसीसीआई ने एनबीएफसी के जरिये ऋण देने के लिए प्राथमिकता क्षेत्र ऋण वर्गीकरण पर वर्तमान 20 लाख रुपये की सीमा को हटाने की वकालत की।
भाषा पाण्डेय अजय
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