नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) ओपनएआई ने सोमवार को अपनी ‘भारत-प्रथम’ पहल की शुरुआत की, जिसका मकसद शिक्षकों को एआई माध्यमों और प्रशिक्षण की मदद से सशक्त बनाना है।
इसके साथ ही कंपनी ने आईआईटी मद्रास के साथ एक नए शोध सहयोग की घोषणा की, जिसे चैटजीपीटी की कंपनी से पांच लाख अमेरिकी डॉलर का वित्तपोषण मिलेगा।
यह घोषणा ऐसे वक्त में हुई है, जब कंपनी इस साल के अंत में नयी दिल्ली में अपना पहला भारतीय कार्यालय खोलने की तैयारी कर रही है। ओपनएआई के संस्थापक सैम ऑल्टमैन भी अगले महीने भारत का दौरा करने वाले हैं।
सोमवार को हुए समझौते के तहत आईआईटी मद्रास इस बात पर दीर्घकालिक अध्ययन करेगा कि एआई किस प्रकार सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बना सकता है और शिक्षण विधियों में नवाचार ला सकता है।
निष्कर्षों को खुले तौर पर साझा किया जाएगा और भविष्य के उत्पाद विकास में इनका इस्तेमाल होगा। गौरतलब है कि वैश्विक स्तर पर भारत में चैटजीपीटी पर सबसे अधिक छात्र भी हैं।
ओपनएआई ने भारत और एशिया प्रशांत क्षेत्र में एआई के जरिये शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने के लिए राघव गुप्ता को भारत और एशिया प्रशांत क्षेत्र के लिए शिक्षा प्रमुख नियुक्त किया है।
गुप्ता के पास शिक्षा और उपभोक्ता प्रौद्योगिकी में दो दशक से अधिक का अनुभव है। वह इससे पहले कोर्सेरा में भारत और एशिया प्रशांत क्षेत्र के प्रबंध निदेशक थे।
भाषा पाण्डेय अजय
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