नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के एक इंजीनियर ने निजी क्षेत्र की नौकरी छोड़ने के बाद एनसीआर क्षेत्र में पानी में रसायन-मुक्त सब्जियां उगाना शुरू करने के बाद अब इसका विस्तार मुंबई और बेंगलुरु के बाजारों में करने की योजना बनाई है।
उत्पाद प्रबंधन और आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले चंदन वार्ष्णेय ने ओनलीहाइड्रोपोनिक्स (वार्ष्णेय हाइड्रोफार्म्स प्राइवेट लिमिटेड) की शुरुआत कर कृषि में नवाचार करने का फैसला किया।
वार्ष्णेय ने कहा, ”हम अभी भी एक शुरुआती दौर वाली कंपनी हैं लेकिन हम कारोबार का विस्तार करने के लिए पूंजी जुटाने पर विचार कर रहे हैं। इस क्षेत्र में संभावनाएं हैं क्योंकि लोगों के बीच फलों और सब्जियों में कीटनाशकों के गंभीर प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ रही है, जिनका हम हर दिन सेवन करते हैं। हमें होटल, व्यक्तियों और रेस्तरां से ऑर्डर मिलते हैं।”
हाइड्रोपोनिक्स प्रणाली पौधों के लिए मिट्टी के पारंपरिक उपयोग पर कई फायदे प्रदान करता है। हाइड्रोपोनिक्स मिट्टी के उलट पानी में पौधों को उगाने की एक तकनीक है। यह दो यूनानी शब्दों- हाइड्रो और पोनोस से लिया गया है जिनका मतलब क्रमशः पानी और श्रम है।
वार्ष्णेय की कंपनी तुलसी, पालक, विभिन्न प्रकार के सलाद पत्ते, टमाटर, खीरा, हरी, लाल और पीली शिमला मिर्च सहित विभिन्न सब्जियां तथा जड़ी-बूटियां पानी में उगाती है। उन्होंने कहा कि कंपनी ग्रेटर नोएडा और मथुरा जैसे इलाकों के किसानों के साथ काम कर रही है।
वार्ष्णेय ने कहा, ‘जैसे-जैसे मांग बढ़ रही है, हम इसे जल्द ही मुंबई और बेंगलुरु में भी शुरू करेंगे।’
भाषा रिया प्रेम
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