मुंबई, छह अप्रैल (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि छह नयी अम्ब्रेला इकाई (एनयूई) कोई भी नया समाधान नहीं पेश कर सकीं जिससे भुगतान प्रणाली एनपीसीआई का विकल्प तैयार करने की कवायद आगे नहीं बढ़ सकी।
इन एनयूई आवेदकों में फेसबुक, गूगल और अमेजन शामिल हैं। एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसी वित्तीय संस्थाओं के साथ मिलकर कुल छह गठजोड़ ने एनयूई लाइसेंस के लिए 2021 में आवेदन किया था।
आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर ने इस दिशा में हुई प्रगति के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, ”हमें जो प्रस्ताव मिले हैं, उनमें कोई भी नया या बुनियादी समाधान सामने नहीं आया है।”
उन्होंने कहा कि आरबीआई ने आवेदनों पर एक नजर डाली है और केंद्रीय बैंक का मकसद डिजिटल भुगतान प्रणाली में कुछ नवाचार करना है।
शंकर ने कहा, ”हम नए विचार चाहते थे। हम ऐसा कुछ नहीं चाहते थे, जो अगला चरण हो या मौजूदा विचारों या प्रौद्योगिकियों का ही विकल्प हो।”
इस बीच डिप्टी गवर्नर एम के जैन ने कहा कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली मजबूत बनी हुई है, और अमेरिका में सिलिकॉन वैली बैंक की विफलता के साथ शुरू हुए वैश्विक संकट से चिंतित होने की जरूरत नहीं है।
भाषा पाण्डेय प्रेम
प्रेम
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.