नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) नॉर्वे-भारत वैश्विक ऊर्जा बदलाव भागीदारी के तहत नॉर्वे का जलवायु निवेश कोष राजस्थान में 420 मेगावॉट क्षमता के सौर बिजली संयंत्र में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी लेगा।
नॉर्वे के दूतावास ने सोमवार को एक बयान में कहा कि नोरफंड और केएलपी द्वारा प्रबंधित जलवायु निवेश कोष 280 करोड़ रुपये में थार सूर्या-1 सौर ऊर्जा परियोजना में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी लेगा। केएलपी नॉर्वे की सबसे बड़ी पेंशन कंपनी है।
राजस्थान में 420 मेगावॉट (एमडब्ल्यूडीसी) क्षमता का सौर बिजली संयंत्र इटली की कंपनी एनेल ग्रीन पावर बना रही है।
नॉर्वे के भारत में राजदूत हंस जैकब फ्राइडेनलुंड ने कहा, ‘‘ नॉर्वे और भारत वैश्विक ऊर्जा बदलाव में भागीदार हैं। नोरफंड प्रबंधित जलवायु निवेश कोष के माध्यम से नॉर्वे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ बिजली आपूर्ति में योगदान करते हुए अपनी जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के उपायों में वित्तपोषण की प्रतिबद्धताओं को पूरा कर रहा है।’’
जलवायु निवेश कोष के लिये भारत प्राथमिकता वाला बाजार और वह अगले पांच साल में 10 अरब क्रोन (करीब एक अरब डॉलर) का का योगदान देगा।
भाषा
रमण अजय
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