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Sunday, 22 March, 2026
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एनएचएआई स्वच्छता अभियान: गंदे शौचालयों की सूचना दें, 1,000 रुपये पाएं

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नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की एनएचएआई ने स्वच्छता के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत राजमार्ग उपयोगकर्ता अगर टोल प्लाजा पर गंदे शौचालयों के बारे में सूचना देते हैं तो उन्हें अपने फास्टैग खाते में 1,000 रुपये का इनाम मिलेगा।

यह पहल देश भर के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर 31 अक्टूबर, 2025 तक जारी रहेगी।

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि राजमार्ग उपयोगकर्ता ‘राजमार्गयात्रा’ ऐप के नवीनतम संस्करण के माध्यम से जियो-टैग की गई तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं और उपयोगकर्ता का नाम, स्थान, वाहन पंजीकरण संख्या और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी प्रदान कर सकते हैं।

ऐसे मामलों की सूचना देने वाले प्रत्येक वाहन पंजीकरण संख्या (वीआरएन) को फास्टैग रिचार्ज के रूप में 1,000 रुपये का इनाम मिलेगा। यह उपयोगकर्ता द्वारा लिंक किए गए वाहन पंजीकरण संख्या में जमा किया जाएगा।

यह इनाम अहस्तांतरणीय होगा और इसका नकद दावा नहीं किया जा सकता है। यह पहल देश भर के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर 31 अक्टूबर, 2025 तक जारी रहेगी।

बयान के अनुसार, यह अभियान केवल एनएचएआई के अधिकार क्षेत्र में निर्मित और संचालित शौचालयों पर ही लागू होगा। खुदरा ईंधन स्टेशनों, ढाबों या एनएचएआई के नियंत्रण से बाहर अन्य सार्वजनिक सुविधाओं पर स्थित अन्य शौचालय इससे बाहर रखे गए हैं।

बयान में कहा गया है कि प्रत्येक वाहन पंजीकरण संख्या पूरी योजना अवधि के दौरान केवल एक पुरस्कार के लिए पात्र होगा।

साथ ही, प्रत्येक राष्ट्रीय राजमार्ग शौचालय सुविधा उस स्थान के लिए प्राप्त रिपोर्ट की संख्या पर गौर किए बिना, प्रतिदिन केवल एक बार पुरस्कार के लिए पात्र होगी।

यदि एक ही दिन में एक ही शौचालय के लिए कई रिपोर्ट प्राप्त होती हैं, तो केवल राजमार्गयात्रा ऐप के माध्यम से रिपोर्ट की गई पहली वैध तस्वीर ही पुरस्कार के लिए पात्र माने जाएंगे।

बयान में कहा गया है कि ऐप के माध्यम से ली गई केवल स्पष्ट, जियो-टैग की गई और टाइम-स्टैम्प वाली तस्वीरों पर ही विचार किया जाएगा। किसी भी छेड़छाड़ की गई, डुप्लिकेट या पहले से रिपोर्ट की गई तस्वीरों को अस्वीकार कर दिया जाएगा।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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