नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) रुपये में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने से घरेलू मुद्रा को अस्थिरता से बचाने और वैश्विक बाजारों में व्यापार की लागत घटाने में मदद मिलेगी। मंगलवार को संसद में पेश आर्थिक समीक्षा में इसकी उम्मीद जताई गई है।
समीक्षा में बताया गया कि इससे भारतीय निर्यातकों को विदेशी ग्राहकों से रुपये में अग्रिम भुगतान लेने और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से घरेलू मुद्रा को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा के तौर पर बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
रुपये को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा के तौर पर बढ़ावा देने और भारत से निर्यात पर जोर देकर वैश्विक व्यापार वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जुलाई, 2022 में एक अधिसूचना जारी कर आयात/निर्यात के बिल, भुगतान और निपटान भारतीय रुपये में करने की अतिरिक्त सुविधा को अनुमति दी थी।
इसके तहत आयात और निर्यात का बिल या इन्वॉयस रुपये में, व्यापार साझेदार देशों की मुद्राओं में बाजार-निर्धारित विनिमय दर और भारत में अधिकृत डीलर बैंकों के साथ खोले गए वोस्ट्रो खातों के माध्यम से किया जाता है।
भाषा अनुराग अजय
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