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Monday, 23 February, 2026
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भारत में बुनियादी ढांचा के लिये अलग से कानून बनाने की जरूरत: आईआईएफसीएल प्रबंध निदेशक

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नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) भारत में सभी पक्षों के हितों की रक्षा के लिए अलग से बुनियादी ढांचा कानून बनाने की जरूरत है। आईआईएफसीएल के प्रबंध निदेशक पी आर जयशंकर ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।

उन्होंने कहा कि भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के सपने को साकार करने के लिए बुनियादी ढांचा क्षेत्र को बढ़ावा देना होगा।

जयशंकर ने कहा, ”बुनियादी ढांचा क्षेत्र की परियोजनाएं बहुत लंबी अवधि की होती हैं और कई पीढ़ियों तक चलती हैं। हम महसूस करते हैं कि एक समग्र समाधान बुनियादी ढांचा कानून बनाने में निहित है, जो सभी पक्षों के हितों की रक्षा करे।”

उन्होंने भारतीय अवसंरचना वित्त कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) के 18वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही।

जयशंकर ने कहा कि कई विकसित देशों में इस तरह के कानून हैं और शायद वक्त आ गया है कि भारत भी इस बारे में सोचे। इससे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि बैंक और वित्तीय संस्थान ग्रीनफील्ड बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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