नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) आर्थिक वृद्धि की उच्च गति को बरकरार रखने के लिए लाइसेंस, निरीक्षण और अनुपालन व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म करने की जरूरत है। आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 में मंगलवार को यह सुझाव दिया गया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश की गई समीक्षा में कहा गया कि 2014 से पहले किए गए सुधार मुख्य रूप से उत्पाद और पूंजी बाजार से संबंधित थे।
समीक्षा में कहा गया, ”ये सुधार जरूरी थे और 2014 के बाद भी जारी रहे।” समीक्षा के मुताबिक हालांकि सरकार ने पिछले आठ वर्षों में इन सुधारों को एक नया आयाम दिया है।
इसमें 2014 के बाद मोदी सरकार द्वारा किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए कहा गया, ”जिंदगी को आसान बनाने, कारोबारी सुगमता और आर्थिक दक्षता में सुधार पर जोर देकर सुधारों के जरिए आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने के प्रयास किए गए।”
समीक्षा को मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन के नेतृत्व वाले दल ने तैयार किया है।
इसमें कहा गया, ”अनुपालन के विनियमन और सरलीकरण के जरिए लाइसेंस, निरीक्षण और अनुपालन व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए।”
इसके अलावा राज्य सरकारों को बिजली क्षेत्र के मुद्दों का समाधान करना होगा, और बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय व्यवहार्यता संबंधी चिंताओं को दूर करना होगा।
भाषा पाण्डेय मानसी
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