नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) एनसीएलएटी ने बृहस्पतिवार को वेव मेगासिटी दिवाला कार्रवाई मामले में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश को बरकरार रखा। एनसीएलटी ने दिवाला कार्रवाई शुरू करने की वेव मेगासिटी की याचिका को खारिज कर दिया था।
राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने अपने फैसले में वेव मेगासिटी पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया।
इससे पहले दिवाला अपीलीय न्यायाधिकरण ने पाया कि आईबीसी की धारा 10 के तहत खुद के खिलाफ दिवाला कार्रवाई शुरू करने की कंपनी की याचिका ‘दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य’ से भरी थी और ‘कारपोरेट देनदार को देनदारियों, जिम्मेदारियों और मुकदमे से बचाने के लिए ऐसा किया गया।’
इसके बाद पिछले साल जून में एनसीएलटी की दिल्ली स्थित पीठ ने वेव मेगासिटी सेंटर द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। वेव मेगासिटी उत्तर प्रदेश में नोएडा के सेक्टर 25ए और 32 में वाणिज्यिक और आवासीय परियोजनाओं का विकास कर रही है।
वेव मेगासिटी सेंटर ने एनसीएलटी के आदेश को एनसीएलएटी के समक्ष चुनौती दी थी, जिसे अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने खारिज कर दिया।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
