नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने केरल स्थित कंपनी भाग्योदयम के मामलों की जांच एसएफआईओ के बजाय निरीक्षक द्वारा कराए जाने के संशोधित आदेश के खिलाफ दायर अपील खारिज कर दी है।
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की कोच्चि पीठ ने तीन जनवरी, 2024 को अपने संशोधित आदेश में कहा था कि भाग्योदयम कंपनी के मामलों की जांच के लिए केंद्र सरकार एक निरीक्षक नियुक्त करे।
इसके पहले अपने 11 मार्च, 2020 के आदेश में न्यायाधिकरण ने इसकी जांच ‘गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय’ (एसएफआईओ) से कराने को कहा था।
इस आदेश के खिलाफ पॉल जोसेफ ने एनसीएलएटी की चेन्नई पीठ के समक्ष अपील दायर की थी।
अपीलकर्ता ने दावा किया कि नया आदेश नोटिस जारी किए बगैर ही समीक्षा के रूप में जारी किया गया और यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
हालांकि, एनसीएलएटी ने इस दलील को ठुकराते हुए कहा कि आदेश में संशोधन केवल जांच एजेंसी को बदलने का था और अपीलकर्ता के अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ता।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा कि जांच प्रक्रिया में आमतौर पर अदालती दखल नहीं दिया जाता है क्योंकि यह केवल आरोपों की सच्चाई तक पहुंचने में मदद करती है।
कंपनी के वकील ने बताया कि कंपनी का संचालन अब प्रशासक द्वारा किया जा रहा है और अपीलकर्ता ने इसी आदेश के खिलाफ केरल उच्च न्यायालय में भी रिट दायर की है, जो विचाराधीन है।
एनसीएलएटी ने अपने निष्कर्ष में पाया कि संशोधित आदेश केवल जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का साधन है और इसे रोकने का कोई औचित्य नहीं है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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