नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने कोरिया ट्रेड इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (केस्योर) की तरफ से अमृत पॉलीकेम के खिलाफ दायर दिवाला अर्जी को खारिज कर दिया है।
इस मामले में एनसीएलएटी ने पहले से मौजूद विवाद का हवाला देते हुए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ के आदेश को बरकरार रखा है।
अमृत पॉलीकेम ने जेटी कॉरपोरेशन से कुछ माल की आपूर्ति के लिए तीन खरीद ऑर्डर दिए थे। भुगतान माल का बिल जारी होने की तारीख से 90 दिन बाद होना तय था, लेकिन माल निर्धारित समय पर नहीं पहुंचा और भुगतान भी नहीं हुआ।
ऐसे में जेटी कॉरपोरेशन का बीमा करने वाली कंपनी केस्योर ने इस राशि का भुगतान किया और बाद में कंपनी द्वारा 20 दिसंबर, 2017 को यह ऋण केस्योर को स्थानांतरित कर दिया गया।
बीमा कंपनी ने एनसीएलटी के समक्ष आईबीसी कानून की धारा 9 के तहत दिवाला अर्जी दायर की लेकिन न्यायाधिकरण ने इसे पूर्व-मौजूदा विवाद के आधार पर खारिज कर दिया।
इसके खिलाफ की गई अपील पर भी अपीलीय न्यायाधिकरण ने एनसीएलटी के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि अपील में कोई औचित्य नहीं है।
हालांकि, एनसीएलएटी ने केस्योर को कानून के मुताबिक किसी अन्य उपयुक्त मंच पर वैकल्पिक उपाय अपनाने की छूट दी है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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