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Saturday, 14 March, 2026
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नेशनल कांफेन्स ने की आईटीआर दाखिल करने की समयसीमा एक महीना बढ़ाने की मांग

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जम्मू, 16 सितंबर (भाषा) नेशनल कॉन्फ्रेंस ने मंगलवार को बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे उत्तर भारत की ‘गंभीर स्थिति’ को देखते हुए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की समयसीमा एक महीना बढ़ाने की मांग की।

पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने यह भी कहा कि आकलन वर्ष 2025-2026 से संबंधित विलंबित भुगतानों पर ब्याज माफ किया जाए।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं केंद्रीय वित्त मंत्रालय और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से असाधारण स्थिति को देखते हुए आईटीआर दाखिल करने के लिए कम से कम एक महीने का समय विस्तार देने का आग्रह करता हूं।’’

गुप्ता ने कहा कि इससे कम समय सीमा, करदाताओं को न्याय से वंचित करने के समान होगी।

आकलन वर्ष 2025-2026 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा सीबीडीटी द्वारा सोमवार रात केवल एक दिन के लिए 16 सितंबर तक के लिए बढ़ायी गयी।

गुप्ता ने कहा, ‘‘संपर्क के रास्ते (कनेक्टिविटी) ध्वस्त हो गए है, बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और लोग जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसी असाधारण परिस्थितियों में, केंद्र सरकार द्वारा केवल एक दिन की राहत देना अनुचित और अत्यंत असंवेदनशील है।’’

नेशनल कांफ्रेन्स के नेता ने कहा कि आयकर रिटर्न दाखिल करना एक वैधानिक दायित्व है और करदाताओं, कर व्यवसायियों और पेशेवरों को उचित सुविधाओं… बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी और रिकॉर्ड तक पहुंच… की आवश्यकता होती है, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

गुप्ता ने मांग की कि वित्त मंत्रालय बाढ़ प्रभावित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करदाताओं के सामने आने वाली सबसे खराब स्थिति को ध्यान में रखते हुए, आकलन वर्ष 2025-2026 से संबंधित विलंबित भुगतानों पर ब्याज माफ करे।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण

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यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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