नयी दिल्ली, 22 दिसंबर (भाषा) राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (एनबीबी) मधुमक्खी पालक समुदाय के उत्थान और मूल्यवर्धन को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रकार के शहद के लिए भौगोलिक संकेतक (जीआई) का दर्जा पाने में हितधारकों का समर्थन करेगा। कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
जीआई का दर्जा विशिष्ट भौगोलिक पहचान वाले उत्पादों को दिया जाता है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए जीआई महत्वपूर्ण है।
कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अभिलक्ष लिखी ने शहद के जीआई के आवेदन और उपयोग पर एक बैठक की अगुवाई करते हुए कहा, ‘‘जीआई के दर्जे से मधुमक्खी पालक समुदाय के उत्थान में काफी मदद मिलेगी। यह दर्जा मिलने के बाद मधुमक्खी पालक शहद और मधुमक्खियों से मिलने वाले अन्य उत्पादों के मूल्यवर्धन के लिए आगे बढ़ सकते हैं।
एक अधिकारिक बयान के अनुसार, लिखी ने कहा कि एनबीबी राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के समर्थन से विभिन्न प्रकार के शहद के लिए जीआई का दर्जा प्राप्त करने के लिए हितधारकों का समर्थन करेगा।
भाषा रिया अजय
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